इस ऑडियो क्लिप में आप जानगें कि प्राचीन भारत के इतिहास को जानने के कौन कौन से प्रमुख स्त्रोत हैं  -

  • धार्मिक साहित्यिक स्त्रोत


बाह्मण साहित्य- ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद, महाभारत, रामायण, पुराण

बौध्द साहित्य- सुत्तपिटक, विनयपिटक, अभिधम्मपिट्क,  महावंश, दीपवंश, ललित विस्तार, बुध्दचरित (रचनाकार-अश्वघोष), महाविभाष (रचनाकार-वसुमित्र) जातक आदि

जैन ग्रंथ- कल्पसूत्र, भगवती सूत्र, आचारांग सूत्र इत्यादि

  • अर्ध्द ऐतिहासिक साहित्यिक स्त्रोत

मुद्राराक्षस, अभिज्ञान शाकुंतलम, अर्थशास्त्र आदि

  • ऐतिहासिक साहित्यिक स्त्रोत

हर्षचरित, पृथ्वीरास रासो, राजतरंगिणी (राजतरंगिणी की रचना 12 वीं सदी में कल्हण द्वारा की गई थी पहली बार ऐतिहासिकता की झलक इसी ग्रंथ में मिलती है इसकी भाषा संस्कृत है)

  • पुरातात्विक स्त्रोत


जो स्तम्भों, गुफाओं, मूर्तिओं, मुद्राओं, शिलाओं आदि उत्कीर्ण होते है अभिलेख कहलाते है

सर्वाधिक महत्वपूर्ण अभिलेख सम्राट अशोक के है, जिसको पहली बार जेम्स प्रिंसेप ने पढा था

कालिंगराज खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख, समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशास्ति

रुद्रदामन का जूनागढ अभिलेख संस्कृत भाषा में जारी प्रथम अभिलेख माना जाता है

अभिलेखों के अतिरिक्त सिक्के, स्मारक व भवन, मूर्तियां, चित्रकला, भौतिक अवशेष, माद्भाण्ड, आभूषण एवं अस्त्र शस्त्र भी इसके अंतर्गत आते है

  • विदेशी विवरण

हेरोडोटस की रचना हिस्टोरिका से भारत-ईरान संबंध तथा उत्तर-पश्चिम भारत की जानकारी मिलती है
टॉलेमी ने 'ज्योग्राफी' लिखा
हेगसांग हर्ष के समय 629 ई. में आया था, उसने 'सी-यू-की' की रचना की
अलबरूनी ने तहकीक-ए-हिंद की रचना की




प्राचीन इतिहास को जानने के स्त्रोत ऑडियो नोट्स

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