भारत पर तुर्की आक्रमण (महम्मूद गजनवी) भाग -36 turkish invasion in india AUDIO NOTES IN HINDI


  • 11 वीं शताब्दी भारत में राजनैतिक विकेंद्रियकरण का समय था 
  • यह समय राजपूत राज्यों का था जिन्होंने हर्ष के बाद अपनी अपनी प्रधानता की क्षेत्रीय ईकाईयाँ बनाई 
  • महम्मूद गजनवी ने 998 ई0 से 1030 ई0 तक भारत पर शासन किया 
  • महम्मूद गजनवी सुबुक्तगीन का पुत्र था अपने पिता के समय यह खुरसान का शासक था 
  • महम्मूद गजनवी ने 1001 ई0 से 1027 तक भारत पर 17 बार आक्रमण किये 
  • उसके आक्रमण का प्रमुख उद्देश्य अधिक धन लूटना था 
  • महम्मूद गजनवी का पहला आक्रमण सीमावर्ती नगरों पर हुआ जिसमें उसने कुछ किलों व प्रदेशों पर अपना अधिकार कर लिया 
  • महम्मूद गजनवी का दूसरा आक्रमण 1001-1002 के बीच हिंदुशाही वंशीय शासक जयपाल के विरुध्द हुआ 
  • पेशावर के युध्द में हार जाने के कारण जयपाल ने आत्महत्या कर ली 
  • 1006 ई0 में महम्मूद गजनवी ने मुल्तान के शासक अब्दुल फतह के विरुध्द आक्रमण किया 
  • महम्मूद गजनवी ने अपना सोलहवॉ और सर्वाधिक महत्वपूर्ण आक्रमण 1025-26 ई0 में किया 
  • इस आक्रमण में उसने सोमनाथ मंदिर को अपना निशाना बनाया 
  • सोमनाथ मंदिर से उसे अपार संप्पति हासिल हुई बाद में उसने सोमनाथ मंदिर को तोड दिया 
  • महम्मूद गजनवी ने मन्दिर के शिवलिंग के टुकडे-टुकडे कर दिये और टुकडों को गजनी,मक्का ,मदीना भिजवा दिया 
  • महम्मूद गजनवी के दरबार में अलबरुनी फिरदौसी ,उत्बी एवं फरुखी जैसे रत्न थे 
  • महम्मूद गजनवी सुल्तान की उपाधि धारण करने वाला पहला शासक था 
  • महम्मूद गजनवी के साथ प्रसिध्द विद्दान अलबरुनी भारत आया 
  • अलबरुनी की प्रसिध्द रचना किताब-उल-हिंद थी 
  • महम्मूद गजनवी ने भारतीय आक्रमणों के समय ‘जेहाद’ का नारा दिया और अपना नाम ‘बुतशिन’ रखा 
  • 30 अप्रैल 1030 में महम्मूद गजनवी की मृत्यु हो गयी

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