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इल्तुत्मिश -iltutmish-1210-1236 medieval history part 39 audio notes in hindi

  1. ऑडियो सुनने से पूर्व सभी तथ्यों को एक बार पढ लें, यहाँ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाने वाले तथ्यों को दिया गया है आगे की पोस्ट में आपको बहुविकल्पीय प्रश्न भी पढ्ने को मिलेंगे तथा ऑडियो में और भी विस्तार से तथ्य दिये गये हैं सभी AUDIO को सामान्य बोलचाल की भाषा तथा बातचीत के शैली में बनाने का प्रयास किया गया है ताकि समझने में आसानी हो
इल्तुतमिश (मध्यकालीन इतिहास भाग-39)

 

कौन था दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक
  • इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक कहलाता है
  • इल्तुतमिश का शासनकाल 1210 ई0 से 1236 ई0 तक 26 वर्ष तक रहा
  • यह कुतुबुद्दीन ऐबक का दामाद एवं गुलाम था
  • दिल्ली का सुल्तान बनने से पहले इल्तुतमिश बदायूँ का सूबेदार था
इल्तुतमिश का पूरा नाम
  •  इल्तुतमिश का पूरा नाम शम्स-उद-दीन इल्तुतमिश था इसके माता पिता मध्य एशिया के इल्बारी कबीले के तुर्क थे
  •  इल्तुतमिश ने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत का पहला शासक था जिसने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया
  •  इल्तुतमिश ने चालीस अमीर सरदारों का एक दल ‘तिर्कान-ए-चहलगानी बनाया
क्या है इक्ता प्रणाली
  •  इल्तुतमिश ने ‘इक्ता’ प्रणाली प्रारम्भ की इक्ता का अर्थ है – धन के स्थान पर तनख्वाह के रुप में भूमि प्रदान करना
सिक्के जो इल्तुतमिश ने चलवाये
  •  इल्तुतमिश पहला तुर्क शासक था ,जिसने शुध्द अरबी सक्के चलवाये
  •  इल्तुतमिश ने चाँदी के ‘टका’ तथा ताँबे के ‘जीतल’ का प्रचलन किया व दिल्ली टकसाल की स्थापना करायी
इमारतें जो इल्तुतमिश ने बनवायीं
  •  भारत में पहला मकबरा इल्तुतमिश ने बनवाया इस ने दिल्ली में स्वयं के मकबरे का भी निर्माण कराया ,जो स्र्किच शैली में बना भारत का पहला मकबरा माना जाता है
  •  कुतुबमीनार को इल्तुतमिश ने पूरा कराया व अजमेर की मस्जिद का निर्माण कराया
  •  इल्तुतमिश को भारत में ‘गुम्बद निर्माण का पिता’ कहा जाता है उसने सुल्तानगढी का निर्माण कराया
  •  इल्तुतमिश ने बदायूं में हौज-ए-खास (शम्सी ईदगाह) का निर्माण कराया
इल्तुतमिश के द्वरा लडे गये युद्ध
  •  इल्तुतमिश ने तुर्की-राज्य को मंगोल आक्रमण से बचाया
  •  इल्तुतमिश ने 1226 ई0 में बंगाल पर विजय पाकर बंगाल को दिल्ली सल्तनत का इक्ता (सूबा) बनाया
  •  इल्तुतमिश ने 1226 ई0 में रणथम्भौर जीता तथा परमारों की राजधानी मंदौर पर अधिकार कर लिया
  •  इल्तुतमिश की सेना हश्म-ए-कल्ब या कल्ब-ए-सुल्तानी कहलाती थी
  • इल्तुतमिश के काल मे मंगोलों ने चंगेज खाँ के नेतृत्व में भारत पर आक्रमण किया
इल्तुतमिश के दरबार को विभूषित करने वाले विद्वान
  •  इलतुतमिश का प्रधानमंत्री निजामुल मुल्क जुनैदी था, जो प्रसिध्द विद्दान था
  •  इल्तुतमिश के दरबारी लेखक का नाम मिन्हाज-उस-सिराज थ, जिसने प्रसिध्द ग्रंथ तबकाते-नासिरी की रचना की
इल्तुतमिश की मृत्यु
  •  बयाना पर आक्रमण करने जाते समय इल्तुतमिश रोगग्रस्त हो जाने के कारण 30 अप्रैल 1236 ई0 में उसकी मृत्यु हो गयी
इस भाग से बनने वाले प्रश्न कुछ प्रमुख प्रश्न
इल्तुतमिश द्वारा गठित ‘चालीसा’ या तुर्कान-ए-चहलगानी’ सम्बंधित था
(1) 40 सैन्य अधिकारियों के समूह से
(2) सुल्तान के दरबार के 40 विद्दानों के समूह से
(3) सुल्तान द्वारा गठित 40 तुर्की दासों एवं उच्च कुल के गैर-तुर्की अधिकारियों के समूह से
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं
दिल्ली सल्तनत का वह कौन सा प्रथम सुल्तान था जिसने शुध्द अरबी सिक्के ‘टंका और ‘जीतल को जारी करवाया
(1) कुतुबुद्दीन ऐबक
(2) इल्तुतमिश
(3) मोहम्मद तुगलक
(4) बलबन
किसके सिक्कों पर बगदाद के खलीफा का नाम सर्वप्रथम अंकित हुआ
(1) कुतुबुद्दीन ऐबक
(2) अलाउद्दीन खिलजी
(3) इल्तुतमिश
(4) अलाउद्दीन मसूदशाह
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tags: iltutmish history/biography/story in hindi, medieval history, audio notes

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