सचिन सयाना मैगी लेने घर से बाहर आया है 11 बजे का समय है और चिलचिला कर धूप पड रही है, सबसे पहले वो जैसे तैसे धूप से बचते हुए सबसे पास वाली दुकान पर  जाता है
सचिन सयाना- भैया 40 वाली मैगी देना,
दुकानदार- मैगी नहीं है
सचिन सयाना- मर गये अब तो धूप में सुपर स्टोर तक जाना पडेगा वो भी पैदल, आयुष भैया का आदेश है, और फिर अगर मैगी ना मिली तो आयुष भैया तो मुझे छोडेंगे नहीं
और सचिन वहाँ से 1 कि0मी0 दूर वाली दुकान की ओर हो लिया, चलते चलते बेचारा पसीने से तर-बतर हो चुका है, और आखिरकार सुपर स्टोर आ ही गया
सचिन सयाना-(हाँफते हुए) भैया 40 वाली मैगी दे दो
दुकानदार -  मैगी नहीं है, और कोई ले जाओ, पी पी नूडल है, काम्बो है,
(hindiaudionotes.in)
सचिन सयाना- नहीं भैया मैगी ही चाहिये
(आखिर सचिन को मैगी ही क्यों चाहिये  क्योंकि मैगी एक इंटरनेशनल ब्रांड है जि‍से नेस्‍ले ने 1947 में खरीदा था।  इसकी शुरुआत 1872 में जूलि‍यस मैगी ने की थी। जूलि‍यस मैगी ने  मैगी जीएमबीएच कंपनी की स्थापना जर्मनी के सिंजेन शहर में की थी बाद में मैगी और नेस्‍ले का मर्जर हो गया और उस कंपनी का नाम नेस्‍ले एलि‍मेनटाना रखा। और बस इसीलिये आयुष अंग्रेज सिर्फ मैगी ही खाता है)
(hindiaudionotes.in)
सचिन बेचारा आयुष और मोहित का मारा, 2- 4 और दुकानों पर गया पर सबने मना कर दिया उसे समझ नही आ रहा था एक दिन में आखिर इतनी मैगी खा कौन गया
वो आखिरी दुकान पर पूछ्ने गया और इस बार जवाब हाँ था पर....
(hindiaudionotes.in)
उधर मोहित और आयुष दोनों भूख से बैचैन हैं दोनों हाथ में छुरी काँटे लेकर कमरे में इधर से उधर चक्कर काट  "ये मैगी लेने गया है या बनाने गया है आयुष अंग्रेज बोला"
"लगता है सीधे फैक्ट्री से ही लायेगा मोहित ने कहा"
उधर सचिन से उस दुकानदार ने कहा 40 वाली 100 में मिलेगी, चाहिये तो बोलो
सचिन नें हाँ में मुंडी हिला दी
सचिन सयान-  इतना महंगा क्युं दे रहे हो और सभी जगह मैगी क्युं नहीं मिल रही,
दुकानदार- एक एक करके ही पूछ ले कै सब एक बार में ही पूछ लैगा
सचिन सकपका गया,
दुकानदार- "पता नहीं के बात हो गयी दिल्ली और कई राज्यों की सरकारों ने इस पर बैन लगा दिया, कुछ शीशा निकला था मैगी में से, और मैं तो कहूं हूं अगर जो शीशा निकल आया तो के बात हो गयी भाई वो पैसे तो मैगी के ही ले रिया है, मैगी की मैगी और शीशा फ्री , बढिया अपनी शक्ल देखो"  बताओ सरकार खुद तो कुछ फ्री में ना देती कोई और दे रिया है तो बर्दाशत ना हो पा रहा इनसे
(hindiaudionotes.in)
सचिन बेचारा बिना कुछ बोले चुपचाप उसे 100 रुपये देकर वहाँ से निकल लिया पतली गली से

और चिलचिलाती धूप में पसीने बहाते हुए घर पहुँचा, आज उसका 1 किलो वजन कम हो गया था मैगी लाने में

और घर पहुँचते ही मोहित और आयुष अंग्रेज उस पर बरस पडे

मोहित मनगढंत- "अबे कहाँ था तब आता जब हम भूख से मर जाते "
आयुष अंग्रेज- "अब तू ही बना और खिला हमको मुझमें इतना द्म नहीं के बना सकूं"
(hindiaudionotes.in)
सचिन सयाना- अरे मेरी बात तो सुन लो भैया
मोहित मनगढंत- अच्छा अब तू हमें बात और सुनायेगा, भूखा भी मार दे और बात भी सुना ले

सचिन सयाना-  अरे मेरी बात तो सुनो, मैगी बैन है दिल्ली में शीशा निकल रहा है मैगी में, और कहीं नहीं मिल रही मैगी, बडी मुश्किल से ये लाया हूं ब्लैक में 40 वाली 100 में

मोहित मनगढंत- नालायक ठग कर आ गया, चल मैगी खोल और शीशा निकाल हम भी अपनी शक्ल देख लेंगे, और जो बेटा नहीं निकला शीशा तो फिर आज तुझे शीशा मैं दिखाउंगा
(hindiaudionotes.in)
सचिन ने पैकेट खोला उसमें सिवाय मैगी के कुछ भी नहीं था, अब तो मोहित और आयुष ने जो क्लास लगायी सचिन की , बेचारा सचिन
हरीश हंसोड- (नहाकर तौलिये से पोंछ्ते हुए)- क्या हो गया क्यों बेचारे को प्रताडित कर रहे हो

मोहित मनगढंत- देखो कह रहा है मैगी में शीशा निकलेगा

हरीश हंसोड- (अपने चिर परिचित अंदाज़ मे)- ई..हो..हा..हा..हा..हा..हा..हा...हा.. ई..हो..हा..हा..हा..हा..हा..हा...हा
(और हरीश ज़मीन पर लोट पोट हो गया)

आयुष अंग्रेज- भैया बस करो आज तो रावण वाली हंस रहे हो

हरीश हंसोड- अरे बावलो शीशा नहीं सीसा, यानी लैड, ये एक धातु होती है और मैगी बाहर इसीलिये नहीं मिल रही कि जो जाँच हुई थी उसमें सीसा बहुत अधिक मात्रा में पाया गया है, कभी अखबार भी पढ लिया करो भाइयो

मोहित मनगढंत- तो निकल आने दो क्या हो गया अगर धातु खायेंगे तो मजबूत बन जायेंगे, मैंने पढा था सब खाना चाहिये ,लोहा ,तांबा, सोना, चांदी ,जिंक, सारी धातुएं अब देखो जिंक की कमी से भी तो त्वचा फटने लगती है वो भी तो धातु है और लोहा ना खाओ तो शरीर में खून की कमी हो जाती है फिर खाओ फोलिक एसिड की गोलियां, और सोना चांदी का तो च्यवनप्राश भी आता है, तो पहले ही धातु ना खा लो, जो बाद में पैसे खर्च करो
(hindiaudionotes.in)
हरीश हंसोड- हाँ भैया आप सही कह रहे हो पर आपने वो दोहा सुना है ना "अति का भला ना बरसना, अति की भली ना धूप, अति का भला ना बोलना अति की भली ना चूप" मतलब कुछ भी जब हद से ज्यादा हो जाये तो खराब होता है, जैसे आप लोहे की बोल रहे हो, आपको पता है अफ्रीका में एक बांटु जनजाति पायी जाती है उन सब में अक्सर लोहमयता (Hemochromatosis) नामक रोग पाया जाता है, क्युंकि वो लोहे के बर्तन में बीयर पीते हैं और अगर आप ज्यादा तांबा खाओगे तो विल्सन रोग हो सकता है ऐसे ही कमी से भी रोग हो जाते हैं, और जहाँ तक बात है सीसे की हालांकि सीसे का उपयोग आयुर्वेद और यूनानी पद्यति की दवाओं में होता है और होता रहा है पर दवा के तौर पर ना कि खाने के तौर पर

मोहित- पर भैया ये होता कैसा है??

हरीश हंसोड- ये चांदी जैसा चमकीला होता है और यदि वायु में खुला छोड दो तो काला पड जाता है


सचिन सयाना -(पसीने पोंछ्ते हुए) भैया इसके और भी उपयोग होते होंगे

हरीश हंसोड- हाँ बहुत सारे सचिन, दियासलाई बनाने, कपड़े की रँगाई, छींट की छपाई और नक्काशी बनाने में यह काम आता है,कृमिनाशक औषधियों में यह काम आता है, विशेष रूप से पेड़ में लगे कीड़े इसी से मारे जाते हैं, सीसा क्लोराइड मरहम बनाने और क्रीम बनाने में काम आता है।

आयुष अंग्रेज- भैया ये पैट्रोल टंकियों पर "सीसा रहित पैट्रोल" यहाँ मिलता है कयों लिखा रहता है?

हरीश हंसोड - मेरे भाई ,सीसा टेट्राएथिल (T.E.L.)  एक बहुत विषैला पदार्थ है पर इसका उपयोग बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल या गैसोलिन में प्रत्याघाती (anti knock) के रूप में होता है। इसे पैट्रोल में इंजन की आवाज जिसे knocking कहते हैं कम करने के लिये मिलाया जाता है पर ये है बहुत खतरनाक ये सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाता है और फिर जहरीला असर दिखाता है, अब सीसा रहित पैट्रोल पर जोर दिया जा रहा है इसीलिये तुमने पैट्रोल टंकीयों पर सीसा रहित पैट्रोल लिखा देखा होगा

मोहित मनगाढंत-  वाह भई वाह , कितनी जानकारी है तुम्हें, कहाँ से लाते हो इतनी जानकारी हमारे पास तो नहीं है, वैसे तुम कह रहे थे ये धातु है धातु वाला तो एक भी काम बताया नहीं तुमने?
हरीश हंसोड - अरे प्रभु बताता हूं, बहुत सारे काम हैं धातु वाले तो एक एक करके सुनो
सीसा चादरें, सिंक, कुंड, सल्फ्यूरिक अम्लनिर्माण के सीसकक्ष और कैल्सियम फास्फेट उर्वरक निर्माण के पात्रों में आदि में अस्तर देने में काम आती है और संक्षारक द्रवों और अवशिष्ट पदार्थों के परिवहन में इसके नल इस्तेमाल होते हैं, टेलीफोन केबल के ढकने में, भूगर्भ स्थित वाहक नलियों के निर्माण में, गोलों (shots), गुलिकाओं, गोलियों (bullets), संचायक बैटरियों के पट्टों और पन्नियों के निर्माण में भी यह काम आता है ,इसकी अनेक मिश्र धातुएँ भी बनती हैं। अल्प ताँबे की उपस्थिति से संक्षारण-प्रतिरोध, कड़ापन और तनाव सामर्थ्य बढ़ जाता है। इसकी मिश्र धातुएँ सोल्डर (टाँके का मसाला), बेयरिंग धातुएँ, टाइप, लाइनोटाइप धातुएँ, प्यूटर (Pewter), ब्रिटानिया धातु, द्रावक धातु, ऐंटीमनी सीसा और निम्न ताप द्रवनांक धातुएँ अधिक महत्व की हैं। इसकी मिश्र धातु पाईप बनाने में काम आती हैं।

मोहित मनगढंत- भैया ये जो पाइप आपने बताई तो ये वोही पाईप है क्या जो हमारे घर में फिट होती है पानी की टंकी में
हरीश हंसोड- नहीं भैया ये वो पाईप नहीं है वो पाइप अलग होते है वो स्टील, कच्चे लोहे (cast iron), प्लास्टिक के हो सकते हैं  परन्तु सीसे के पाइप को पानी के लिये नहीं प्रयुक्त किया जाता क्योंकि वैसे सीसा पानी में नहीं घुलता परंतु यदि पानी में आक्सीजन की मात्रा अच्छी हो तो ये घुल कर हाइड्राक्साइड बनाता है इसलिये ये पीने के पानी के लिये उपयुक्त नहीं है
सचिन सयाना- भैया मैं ना रेडियो एक्टिव पदार्थों के बारे में पढ रहा था तो वहाँ भी कुछ सीसे के बारे में लिखा था याद नहीं आ रहा

हरीश हंसोड-  हाँ सचिन कोई भी रेडियो एक्टिव तत्व जो अपने अंत में सीसे में ही बदल जाता है और एक बात और एक्स-रे और रेडियो ऐक्टिव किरणों से बचाव के लिए इसकी चादरें काम आती हैं क्योंकि इन किरणों को सीसा अवशोषित कर लेता है इसे रेडिएशन शिल्डिंग कहते हैं 

आयुष अंग्रेज- प्रभु तुम्हारे चरण कहाँ है इतना ज्ञान कैसे सम्हालूं मैं
हरीश हंसोड- चरण घर पर रख कर आया हूं ताकि कोई चुरा ना ले हे .. हे ...हे ..हे

© copyright, hindiaudionotes.in  [2014-2016]. जो भी लेख या जानकारी hindiaudionotes.in पर प्रकाशित होती है उसके सर्वाधिकार hindiaudionotes.in के पास सुरक्षित हैं बिना hindiaudionotes.in की लिखित अनुमति के कोई भी लेख किसी और वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं किया जा सकता !



Post a Comment

कमेंट करते समय कृपया अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें, ये ब्लाग ज्ञान वर्धन के लिये है अत: अनुरोध है कि शालीन भाषा का प्रयोग करें तथा हमें अपने विचारों से अवगत करायें