[Download] रसायन विज्ञान भाग 3(Free PDF eBook)

11396
1

[Download] रसायन विज्ञान भाग 3(Free PDF eBook)


201. सबसे हल्की धातु लीथियम होती है।
202. किसी तत्व के दो इलैक्टंोनो के लिए सभी क्वाण्टम संख्याऐं समान नही हो सकती है।
203. गुणात्मक समानुपात का नियम जाॅन डाल्टन द्वारा खोजा गया था ।
204. अनिश्चितता के सिद्वान्त का प्रतिपादन हाइजेनबर्ग ने किया था ।
205. इलैक्टंान तब तक युग्मित नही होते, जबतक कि उनके लिए प्राप्त रिक्त कक्ष समाप्त ना हो जायें यह सिद्वान्त हुण्ड का नियम कहलाता हैं।
206. इलैक्टंान की तरंग प्रकृति सर्वप्रथम दी0 ब्राॅग्ली ने दी थी ।
207. एक इलैक्टंान की सही स्थिति तथा ऊर्जा के साथ निर्धारण असम्भव है इसे ही हाइजेन बर्ग का अनिश्चितता का सिद्वान्त कहते है।
208. हाइडंोजन का परमाणु क्रमांक व परमाणुभार समान होता है ।
209. 180 ग्राम जल में जल के 10 मोल होते है।
210. आइसोटोन में न्यूटंोनों की संख्या समान होती हैं।
211. जल का शुद्वतम रूप आसुत जल होता है।
212. क्लोरोमाइसिटिन एक ऐन्टीबायोटिक है।
213. हडिडयांे और दाँतों में कल्सियम फाॅस्फेट होता है ।
214. थैलियम को ज्स थोरियम को ज्ी थूलियम को ज्उ एवं टर्बियम को ज्इ कहते है। 215. ठोस में ठोस के विलयन को मिश्रधातु कहते है।
216. वे विलयन जिन्हे अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा पृथक रखने पर उनके मध्य परासरण की क्रिया नही होती उन्हे समपरासरी विलयन कहते है।
217. अलवाय में मोनोजाइट केा संसाधित करने वाली फैक्टंी है।
218. शर्करा कार्बोहाइडंेट होते है, राइबोफ्लेविन को बिटामिन बी2 कहते है, काइटिन प्रोटीन होते है, कैफीन एल्केलाॅइड होते है।
219. मक्खन वह कोलाइड है जिसमें जल वसा में प्ररिक्षिप्त होता है।
220. डयूटीरियम के नाभिक में एक न्यूटंाॅन तथा एक प्रोटाॅन होता है।
221. वे अभिक्रियाएंे जो केवल एक दिशा में होती हैं अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएंे होती है।
222. वह जलीय विलयन जिसके पी0एच0 का मान शून्य होता है अम्लीय होता है। 223. शुद्व जल का पी0एच0 मान 7 होता है।
224. एक द्रव के वाष्पन के प्रक्रण के साथ एन्टंाॅपी में वृद्वि होती है तथा विलयन से सुक्रोज का क्रस्टलन करने पर एन्टंाॅपी घटती है।
225. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम भी कहलाता है।
226. ऊष्माक्षेपी वह क्रिया है जिसमें अभिकारक पदार्थो की ऊर्जा उत्पादकों से अधिक होती है।
227. हेस के नियम के अनुसार किसी अभिक्रिया का उष्मीय प्रभाव क्रियाकारक पदार्थो की अन्तिम तथा प्रा रम्भिक अवस्था पर निर्भर करता है।
228. डी0डी0टी0  टंाइक्लोरो ऐसीटेल्डिहाइड की क्लोरोबेंजीन से अभिक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त होता है।
229. पिक्रिक अम्ल का रासायनिक नाम टंाइनाइटंोफिनोल है।
230. धातुओं में मुक्त इलैक्टंाॅन के दबाव के कारण प्रकाश का परावर्तन होने से चमक आती है।
231. नायलाॅन , पाॅलिऐमाइड है।
232. बेकेलाइट थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का बहुलक है।
233. एल्कोहल , बेन्जीन एवं पेटंोल के मिश्रण केा पावर एल्कोहल कहते है।
234. सीमेन्ट के उत्पादन में काम आने वाले कच्चे पदार्थ बिना बुझा चूना एवं जिप्सम है , सीमेन्ट का जमना एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
235. प्रोटाॅन के भेदन क्षमता इलैक्टंाॅन से कम होती है।
236. उदासीन परमाणु का धनायन इलैक्टंाॅन के निकलने से उत्पन्न होता है।
237. न्यूटंाॅन आवेश रहित होते है।
238. सबसे हल्का कण इलैक्टंाॅन है।
239. पौधो में पुष्पन के लिए उपयोगी तत्व फास्फोरस है ।
240. सेडीमेण्टेशन एवं फिल्टंेशन जल को शुद्व करने की तकनीक है।
241. मेक्स प्लांक जर्मनी के थे जिन्हे क्वाण्टम सिद्वान्त की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था ।
242. आण्विक हाइडंोजन के आर्थो एवं पैरा रूपों केा नाभिकिय चक्रण के द्वारा विभेदित करते है।
243. यूरिया के निर्माण में आमोनिया तथा कार्बनडाइक्साइड प्रयुक्त होता है।
244. फिनाॅल से प्राप्त विस्फोटक केा पिक्रिक अम्ल कहते है।
245. मार्बल एक यौगिक का उदाहरण है।
246. पंचम समूह के तत्वों में बिस्मथ का आक्साॅइड अधिक क्षारीय होता है।
247. जब हाइडंोजन परमाणुओं के नाभिक का चक्रण एक ही दिशा में होता है तो वह आर्थो हाइडंोजन कहलाता है।
248. किसी गैस का वाष्पधनत्व उसके अणुभार का आधा होता है।
249. अम्ल में प्रोटाॅन प्रदान करने की प्रवृति होती है।
250. किसी परमाणु के गुण उसकी इलैक्टंाॅनिक संरचना पर निर्भर करता है।
251. दूध में उपस्थित सैकेराइड को लैक्टोज कहते है।
252. पाॅलिथीन एथिलीन के बहुलीकरण से प्राप्त होता है।
253. तनु आयोडिन विलयन की एक बून्द के साथ स्टार्च नीला रंग देता हैं।
254. उध्र्वपातन विधी द्वारा अमोनियम क्लोराइड व सोडियम क्लोराइड के मिश्रण केा पृथक किया जाता है।
255. प्राकृतिक हाइडंकार्बन के घटक के रूप में प्राप्त होने वाली निष्क्रिय गैस हीलियम है।
256. पौट ेशियम कक्ष ताप पर जल के साथ तीव्र क्रिया करती है।
257. टंाइटियम में इलैक्टंाॅन, प्रोटाॅन व न्यूटंाॅन 1: 1: 2 के अनुपात में होते है। 258. क्लेारोफार्म हवा एवं प्रकाश से क्रिया कर फाॅस्जीन गैस बनाती है इसलिये इसे रंगीन बोतलो में ऊपर तक भरा जाता है ।
259. हीलियम एक ऐसी गैस है जो परमाणु अवस्था में पायी जाती है।
260. हवाई जहाज के टायरों में भरने के लिए हीलियम गैस का प्रयोग किया जाता है। 261. चैल्कोपाइराइट काॅपर का अयस्क है।
262. मरकरी को आयरन धातु के पात्र में रखा जाता है।
263. नाभिकीय भटटी में ग्रेफाइट का प्रयोग न्यूटंाॅनों का वेग घटाने के लिए किया जाता है।
264. शुष्क अग्निशामकों में रेत तथा बेकिंग सोडा भरा जाता है।
265. जो उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को कम करते है उन्हें ऋणात्मक उत्प्रेरक कहते है।
266. वैद्युत संयोजक यौगिक में इलैक्टंाॅन एक परमाणु से दूसरे परमाणु में स्थानान्तरित हो जाते है।
267. विखण्डन अभिक्रिया में तत्व का एक भारी नाभिक टूटकर दो छोटे नाभिक बनाता है तथा कुछ मौलिक नाभिकीय कणों केा घटा देता है।
268. एक तत्व का परमाणु क्रमांक 34 है उसकी संयोजकता 6 होगी ।
269. जल एक यौगिक है चूकि यह रासायनिक बन्धनों से जुडे दो भिन्न तत्व रखता है। 270. हाइडंोजनपराॅक्साइड एक अपचायक , आक्सीकारक एवं विरजंक के रूप में कार्य कर सकता है परन्तु वह निर्जलीकारक की तरह व्यवहार नही कर सकता है। 271. उत्प्रेरक विष उत्प्रेरक सतह पर मुक्त संयोजकताओं से संयोग करके कार्य करता है।
272. किसी विलयन का जिसमें वैद्युत-अनपघटय विलय है उसका क्वथनांक बढता है। 273. तत्वों के रासायनिक वर्गीकरण का आधुनिक नियम तत्वों के परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
274. काॅच को लाल रंग गोल्डक्लोराइड प्रदान करता है।
275. तेलो के हाइडंोजनीकरण में उत्प्रेरक के रूप में निकिल का प्रयोग किया जाता है हाइडंोजनीकरण द्वारा खाद्य तेलों केा वनस्पति घी में बदला जाता है।
276. सोडियम नाइटंेट एक ऐसा पदार्थ है जो आॅक्सीकारक तथा अपचायक दोनों की तरह प्रयोग में लाया जा सकता है।
277. पारे में बहुच उच्च आयनन ऊर्जा तथा क्षीण धात्विक बन्ध होता है इसलिए पारा 0 डिग्री से0 पर भी द्रव बना रहता है।
278. किसी अम्ल का तुल्यांकी भार उसके अणुभार को क्षारकता से विभाजित कर प्राप्त करते है।
279. लैड नाइटंेट को गर्म करने पर रासायनिक परिवर्तन होता है।
280. काॅच भ् िमें विलेय होता है
281. जिंक में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाकर हाइडंोजन गैस प्राप्त की जाती है।
282. संगमरमर के टुकडो पर हाइडंोक्लोरिक अम्ल डालकर कार्बनडाईआॅक्साइड गैस प्राप्त की जाती है।
283. कार्बनडाइआॅक्साइड गैस एक एनहाइडंाइड है ।

Chemistry की Free eBook Download करने के लिये नीचे दिये गये डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें

यदि कोई प्रश्न है तो आप कमेन्ट में पूछ सकते हैं |
tags: chemistry facts in hindi, science facts in hindi for ssc cgl,

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here