द्वितीय आंग्ल मैसूर युध्द – Audio Notes in Hindi

1758
0

अंग्रेजों का पश्चिमी तट पर अधिकार

  • द्वितीय आंग्ल मैसूर युध्द 1780 से 1784 तक हुआ 1779 में अंग्रेजों ने पश्चिमी तट पर फ्रेंच व्यापारिक बस्ती माहे पर अधिकार कर लिया
  •  इस फ्रांसिसी उपनिवेश से हैदरअली के सामरिक सम्बंध (युध्द में एक दूसरे की मदद करना ) थे

हैदर अली का कर्नाटक के नबाब पर हमला

  •  हैदर अली ने निजाम और मराठों के साथ मिल कर 1780 में एक संयुक्त सेना ली और अंग्रेजों के मित्र कर्नाटक के नबाब पर हमला कर दिया

अर्काट पर अधिकार

  • नबाब की ओर से लडने वाली अंग्रेज सेना को हैदर अली ने बहुत बुरी तरह परास्त कर दिया और कर्नाटक की राजधानी अर्काट पर अधिकार कर लिया और अंगेर्जी सेनापति था कर्जन वेली उसे भी कैद कर लिया
  • उस समय बंगाल के गवर्नर वॉरेंग हेगटिंग्स थे इन्होंने भारत में अंग्रेजों के प्रधान सेनापति आयरकूट को एक विशाल सेना लेकर लडने के लिए भेजा

पोर्टोनोवा युध्द 

  • आयरकूट ने हैदर अली को पोर्टोनोवा के युध्द में पराजित कर दिया और कई स्थानों पर मैसूर की सेना ने भी अंग्रेजों को पीछे हटने पर विवश कर दिया

आयरकूट की मृत्यु

  • युध्द के निर्णय न होने के बीच हैदर अली 7 सितम्बर 1782 को एवं सर आयरकूट अप्रैल 1782 को स्वर्गवासी हो गये
  • इनकी मृत्यु के बाद अब युध्द में मैसूर की ओर से हैदर अली का पुत्र टीपू सुल्तान था और अंग्रेजों की ओर से जनरल स्टोअर्ड

अंग्रेजों और फ्रांसिसियों  की संधि

  • टीपू ने एक वर्ष तक युध्द जारी रखा परंतु दोनों में से कोई भी एक निश्चित विजय प्राप्त नहीं कर पाया इसी बीच यूरोप में अंग्रेजों और फ्रांसिसियों के बीच संधि हो गई

मंगलौर की संधि

  • भारत में भी अंग्रेजों और फ्रांसिसियों के बीच 1784 में मंगलौर की संधि हो गयी
  • दोनों पक्षों ने एक दूसरे के जीते हुए प्रदेश लौटा दिये परंतु युध्द का दूसरा दौर भी निर्णायक साबित नहीं हो पाया
ऑडियो नोट्स सुनें

 

Modern history, Audio notes, haidar ali, tipu sultan,

Rs. 3000/- की पुस्तकें निशुल्क प्राप्त करें , यहां जानें कैसे?




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here