जीव विज्ञान पीडीएफ ई बुक भाग 5

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जीव विज्ञान की PDF eBook डाउनलोड करने के लिये नीचे दिये गये डाउनलोड लिंक दिया गया है , ये तथ्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं मे पूछे गये हैं, अत: सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, Railway, Tet, UPPSC, Bed, Police Exam, GD आदि के लिये समान रूप से उपयोगी है

1. इण्डोल ऐसीटिक अम्ल आॅक्सीन होता है।
2. एडिंनल ग्रन्थि को आपातकालीन ग्रन्थि भी कहते है।
3. सोमेटोटंोफिक हार्मोन पीयूश ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होते है।
4. टेस्टोस्टीरोन हार्मोन वृशण ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है
5. एस्टंोजन हार्मोन डिम्ब ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है।
6. थायराॅक्सीन ग्रन्थि थायराइड ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है।
7. मानव भ्रूण ह॰य अपने परिवर्धन के चतुर्थ सप्ताह में स्पन्दन करने लगता है।
8. परखनली षिषु का परिवर्धन परखनली के अन्दर ही होता है।
9. खुजलाने से खाज मिटती है।क्योकि इससे कुछ तन्त्रिकाऐं उददीप्त होती है जो मस्तिश्क को प्रतिहिस्टामिनी रसायनों का उत्पादन बढाने का निर्देष देती है।
10. मनुश्य के आॅख में प्रकाष तरंगें अक्ष पटल पर स्नायु उद्वेगों में परिवर्तित होती है। 11. जन्तु विज्ञान में जीवित व मृत जानवारों का अध्ययन करते है।
12. दृश्टि पटल रेटिना पर जो चित्र बनता है वह वस्तु से छोटा व उल्टा होता है।
13. मनुश्य आर्द्रता व गर्मी में परेषानी महसूस करता है। इसका कारण है। कि पसीना आर्द्रता के कारण वाश्पित नही होता हैं।
14. पोलियों का टीका सबसे पहले जाॅन साल्क ने तैयार किया था
15. अस्थियों का अध्ययन विज्ञान आॅस्टियोलाॅजी षाखा के अन्र्तगत किया जाता है।
16. जीन अणुओं की सरंचना को सबसे पहले डाॅ जेम्स वाॅटसन और डाॅ फ्रान्सिस क्र्रिक द्वारा रेखांकित किया गया था
17. मनुश्य के षरीर में पसलियों के 12 जोडे होते है
18. ऊतक संर्वधन पौशक घोल में सूक्ष्म पादप अंषो को विकसित करना हे
19. मनुश्य के मस्तिश्क के जिस भाग में स्मृति रहती है उसे प्रमस्तिश्क प्रान्तस्था काॅर्टेक्स कहते है।
20. मानव प्रतिरक्षा हीनता विशाणु एच0आई0वी0 एक जीवधारी है क्योकि यह स्वतः प्रजनन कर सकता है।
21. विकास का सिद्वान्त चाल्र्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित किया गया था
22. मानव षरीर में सबसे लम्बी हडडी ऊरू जाॅघ की होती है।
23. जैव विकास के सन्दर्भ में साॅपों में अंगों का उपयोग तथा अनुपयोग किये जाने से अंगो के लोप होने को स्पश्ट किया जाता है।
24. क्लोन अलैगिंक विधि से उत्पन्न किया जाता है।
25. ष्वसन क्रिया में वायु के नाइटंोजन घटक की मात्रा मंे कोई परिवर्तन नही होता है।
26. डायनासोर मेसोजोइक – सरीसृप प्रजाति में आते थे।
27. जीव समुदाय द्वारा सौर ऊर्जा का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है।
28. नेत्रदान में दाता की आॅख का कार्निया नाम भाग उपयोग में लाया जाता है।
29. सील स्तनपायी जाती है।
30. एजोला को जैव ऊर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
31. मानव षरीर में प्रेालैक्टिन हार्माेन का निर्माण अण्डाषय मंे होता है।
32. ऐसे अंग जो विभिन्न कार्यो में उपयोग होने के कारण काफी एसमान हो सकते है। लेकिन उनकी मूल संरचना एवं भ्रूणीय प्रक्रिया में समानता होती है। समजात अंग कहलाते है।
33. भोजन के लिए विभिन्न जीव एक दूसरे पर आश्रित रहते है।इस प्रकार एक श्रृंखला का निमार्ण होता है इस श्रृंखला के प्रारम्भ में हरे पौधे होते है।
34. केंचुए के काई नेत्र नही होता है
35. अमीबियेसिस से आमातिसार रोग होता है।
36. हमारे षरीर की मस्तिश्क कोषिकाओं में सबसे कम पुनर्योजी षक्ति होती है।
37. हमारे छोडी हुयी सांस की हवा में कार्बनडाई आॅक्साइड की मात्रा 4 प्रतिषत होती हैै।
38. षुतुरमुर्ग आकार में सबसे बडा पक्षी होता है।
39. एडस वायरस एक सूची आर0एन0ए0 होता है।
40. पात्र निषेचन और फिर गर्भाषय में प्रतिराशण करने के बाद उत्पन्न षिषु को टेस्टय ूब बेवी कहते है।
41. सर्वाधिक प्रकाष संष्लेशि क्रियाकलाप प्रकाष के नीले व लाल क्षेत्र में चलता है।
42. प्रकाष संष्लेशण के दौरान पैदा होने वाली आॅक्सीजन का स्त्रोत जल होता है।
43. किसी वृक्षो के अधिकतम हानि उसकी छाल का नाष करके पहुॅचती है ।
44. पक्षियों में प्रायः एक ही वृशण होता है।
45. एल्फल्फा एक प्रकार की घास का नाम है।
46. वायुगुहिका की उपस्थिति जल पादप के अनुकूलन होती है।
47. प्रकाष संष्लेशण केवल दृष्य वर्णो में ही होता है । प्रकाष संष्लेशण प्रक्रिया में जल, प्रकाष, क्लोरोफिल तथा कार्बनडाइआक्साइड की उपस्थिति में कार्बोहाइडंेट का निर्माण होता है।
48. प्रोटोजोआ वर्ग के जीव जल्दी प्रजनन करते है।
49. मरूस्थलीय क्षेत्र में उगने वाली वनस्पतियों को जीरोफाइट कहते है।
50. अधिक आर्द्रता वाले क्षेत्रो या दलदली क्षेत्र की वनस्पतियां हाइग्रोफाइट के अन्तर्गत आती हैं
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