सामान्य विज्ञान के तथ्य भाग 4 – फ़्री ई बुक

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सामान्य विज्ञान के तथ्य भाग 4 – फ़्री ई बुक

1. कंप्यूटर के लिए आई सी चिप आमतौर पर सिलिकाॅन के बनाये जाते है।
2. षीतकाल में एक मोटी कमीज की अपेक्षा दो पतली कमीजें हमें अधिक गरम रखती है क्येाकि दो कमीजों के बीच वायु की परत रोधी माध्यम के रूप में काम करती है।
3. पृथ्वी के वायुमंडल की आयनमंडल परत रेडियो तरंगो को वापस पृथ्वी के पृश्ठ पर परावर्तित करती है।
4. ध्वनि निर्वात से नही गुजरती है।
5. पेटंोल से लगी आग को बुझाने में जल प्रभावी नही होता क्योकि जल और पेटंोल एक दूसरे में अमिश्रणीय है और पेटंोल ऊपरी परत बनाता है अतः जलता रहता है।
6. गैस के गुब्बारों में हाइडंोजन की जगह हीलियम गैस का प्रयोग किया जाता है क्योकि यह अदाह है।
7. फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिये एसिटिलीन गैस है।
8. माणिक्य और नीलम ऐलुमिनियम के आॅक्साइड है।
9. विटामिन बी 12 को अपनी सक्रियता के लिए कोबाल्ट की आवष्यकता होती है
10. अश्रु गैस का घटक क्लोरोपिक्रिन है ।
11. दृढतांक अनुद ैध्र्य प्रतिबल के साथ अनुदैध्र्य विकृति का अनुपात है।
12. गैस में ध्वनि संचरण में रूद्वोश्म संपीडन और विरलन से होता है।
13. परमाणु घडी सीजियम के संक्रमण पर आधारित है।
14. अवतल लेंस में हमेषा आभासी और सीधा प्रतिबिम्ब बनता है।
15. भारी पानी का क्वथनांक साधारण पानी से कम नही हो सकता है।
16. प्रकाष संष्लेशण में ऊर्जा मुक्त होती है।
17. वृक्ष के तनोें में रहने वाले प्राणियों को वृक्षवासी कहा जाता है।
18. माइटोकाॅन्डिंअन को सेल का पाॅवर प्लाॅट भी कहा जाता है।
19. सिरके का रासायनिक नाम ऐसीटिक ऐसिड है।
20. अधिकतम जैव विविधता वाला प्रदेष उश्ण कटिबंधीय होता है।
21. वातावरण के अंदर क्षैतिज ऊश्मा अंतरण को संवहन कहा जाता है।
22. भारतीय मानक समय 82.5 डिग्री ई0 रेखांष पर अपनाया जाता है।
23. तट पर अधिक बल के साथ पहुचने वाली भूकम्पी सागर तरंगो को सुनामी कहा जाता है।
24. पवन की अपोहन क्रिया के कारण बने गर्तो को यारडांग कहा जाता है।
25. षोर को डेसिबल में मापा जाता है।
26. मनुश्य में कुल 206 हडिडय ाॅ होती है।
27. एक पौढ मानव में औसत की गिनती में हदय स्पन्द की सख्या का परिसर 71-80 होता है।
28. आहार-नल में स्टार्च के पाचन में अन्तिम उत्पाद मालटोस होता है।
29. केचुए के कोई नेत्र नहीं होता ।
30. एक्यूपंक्चर सुइयों का माध्यम एक उपचार विधि हेै।
31. कुछ वायरसों में आर0 एन0 ए0 होतें है , परन्तु डी0 एन0 ए0 नही इससे पता चलता है कि आर0 एन0 ए0 आनुवंषिकी जानकारी को वायरसों में सम्प्रेशित करती है। 32. वायुगुहिको की उपस्थिति जल पादप का अनुकूलन है।
33. अमीबता से आमातिसार रोग होता है।
34. परिस्थितिकी तन्त्र में नाइटंोजन का परिसंचरण जीवाणु द्वारा होता है।
35. अम्लीय स्त्रवण जठर विषिश्ठता है।
36. उपार्जित लक्षणों की वंषानुगति डार्विन के विकास सिद्वांत से सम्बधित नही हेै।
37. मछलियों के यकृत तेल में विटामीन डी की प्रचुरता होती है।
38. विटामिन ऊर्जा प्रदान नही करता ।
39. अपोहन का प्रयोग गुर्दे की क्रिया को पूरा करने के लिए होता है।
40. कैल्सियम सल्फेट उर्वरक नही है।
41. गलिस कैल्सियम सिलिकेट को स्लैग कहते है।
42. पीडकनाषियों का प्रयोग विशैले पादप का विनाष करने को होता है।
43. जंगरोधी इस्पात निकिल और क्रोमियम को मिश्रण है।
44. आॅक्सेैलिक अम्ल एक कार्बनिक यौगिक है जो आयरन योैगिक से उत्पादन दाग को
निकालता है।
45. सैलिसिलिक अम्ल को आस्कन्दन कारक के रूप में मृदु पेय के निर्माण में प्रयुक्त करते है।
46. इस्पात या आयरन की बस्तु में जिंक की पतली परत की लेपन को यषद लेपन कहतें है।
47. भाप अंगार गैस उच्चतम ऊश्मीय मान रखती है।
48. टंान्सफार्मर ए0सी0 वोल्टता को घटाने बढाने में प्रयुक्त होता है।
49. जब गर्म पानी को तप्त गिलास के ऊपर छिडका जाता है तो वह अचानक की संकुचित होकर टूट जाता है।
50. विधुत दीर्घ दूरी तक उच्च वोल्टता ए0सी0 में पारगमित होता हेै जिससे ऊर्जा की कम हानि होती है।
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