[Biology eBook] जीव विज्ञान ई बुक भाग 10 Free Download

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Biology study material (short notes) in pdf format for ssc cgl 2016 in hindi, According to SSC Syllabus, All Biology Facts are from previous year ssc questions papers. this is the Collection of most important facts.
SSC CGL के लिये बेहद महत्वपूर्ण तथ्यों (Biology MCQs) का संग्रह, इस eBook Series में हम पहले आपको 9 ई बुक उपलब्ध करा चुके हैं, ये eBooks वास्तव में SSC में पूछे गये अभी तक प्रश्नों का संग्रह हैं, जिन्हें तथ्यों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, ताकि शीघ्र Revision किया जा सके, आशा है आपके लिये लाभकारी सिद्ध होगी,

1. लाइगेज नाम एन्जाइम का उपयोग डी0एन0ए0 के टुकडों को जोडने के लिए किया जाता है।
2. डी0एन0ए0 में षर्करा डीआॅक्सीराइबोज में होती है।
3. ऊतक संवद्र्वन के दो पाइलट संयन्त्रों की स्ािापना नई दिल्ली व पुणे में की गई। 4. वश्पोत्सर्जन में पत्तियों से पानी वाश्प के रूप में निकलता है।
5. पेषी में संकुचन कारण मायोसिन व एक्टिन है।
6. काश्ठ का सामान्य नाम द्वितीयक जाइलम है
7. हदय की धडकन को नियन्त्रित करने के लिए पेसमेकर इस्तेमाल किया जाता है।
8. सिनैप्सिस तन्त्रिका एवं दूसरी तन्त्रिका के बीच होता है।
9. अदरक एक तना है जड नही, क्योकि इसमें पर्व व पर्वसन्धियाॅ होती है।
10. प्लाज्मा झिल्ली कोषिका के भीतर तथा बाहर, जल एवं कुछ विलयों के मार्ग का नियन्त्रण करती है।
11. फलीदार पादप कृशि में महत्वपूर्ण है क्योकि नाइटंोजन स्थिर करने वाले जीवाणु का उनमें साहचर्य होता है।
12. प्रत्येक गुण सूत्र में कई जीन्स होते है।
13. फाइब्रिनोजन , रूधिर में विद्यमान व यकृत में बनता है।
14. स्पर्ष करने पर छुईमुई पौधे की पत्तियाँ मुरझा जाती है क्योकि पर्णाधार का स्फीति दाब बदल जाता है
15. पौधे नाइटंोजन को नाइटंाइट के रूप में ग्रहण करते है।
16. गर्भ में बच्चे का लिंग निर्धारण पिता के गुणसूत्रों के द्वारा किया जाता है।
17. प्रकाष संष्लेशण प्रक्रिया का प्रथम चरण सूर्य के प्रकाष द्वारा पर्णहरिम का उत्तेजन हेाता है।
18. जल के अणुओं के लिए कोषिका भित्तियों का आकर्शण बल अधिषोशण कहलाता है।
19. हमारी जीभ का वह भाग जो मीठा स्वाद बताता है वह अग्रभाग होता है।
20. भूमि में मैग्नीषियम तथा लोहे की कमी पौधे में हरिमहीनता का कारण है।
21. केले बीजरहित होते है क्योकि ये त्रिगुणित होते है।
22. वाश्पोत्र्सजन पोटोमीटर से मापा जाता है।
23. अन्तःषोशण के कारण जल में रखने पर बीज फूल जाते है।
24. प्रकाष तथा अन्धकार दोनों में केवल हरिमहीन कोषिकाओं में ष्वसन होता है।
25. कार्क के बाहर विलग परत का बनना षरद ऋतु में षाखाओं से पत्तियाँ गिरने का कारण है।
26. यदि किसी पुश्प में चमकदार रंग , सुगन्ध तथा मरकन्द होते है, तो कीट परागित होता है।
27. वाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ काश्ठ तन्तु तथा मृदूतक जाइलम में पाये जाते है। 28. व्हेल केवल बच्चे देते हैै।
29. गर्भाषय में विकसित हो रहे भ्रूण को प्लेसेण्टा द्वारा पोशण मिलता है।
30. एक निशेचित अण्डे का दो खण्डों में विभाजन हो, तथा दोनों भाग अलग हो जाएँ तो समान जुडवाॅ बच्चे पैदा होते है।
31. वृक्क जब काम करना बन्द कर देता है, तो मनुश्य के रूधिर में से डायलिसिस द्वारा विशाक्त तत्वों को पृथक किया जाता है।
32. वृक्कों में मूत्र के निर्माण में केषिका-गुच्छीय फिल्टरन , पुनः अवषोशण तथा नलिका स्त्रावण क्रिया का क्रम उचित है।
33. हाइडंोपोनिक्स बिना मिटटी की खेती से सम्बन्धित है।
34. एपोमिक्सिस का अर्थ बिना लिंगी जनन हुए भ्रूण का निर्माण है।
35. अदरक राइजोम है।
36. हम सेलुलोज को नही पचा सकते है लेकिन गाय पचा सकती है क्योकि गायों की आहारनली में ऐसे जीवाणु होते है। जो सेलुलोज को पचा सकते है।
37. किसी जन्तु द्वारा भोजन ग्रहण करने की क्रिया को अन्तग्र्रहण कहते है।
38. कीटपक्षी पौधे कीडों को खाते है क्योकि वे जिस मिटटी में उगते है, उसमें नाइटंोजन की कमी होती है।
39. अधिपादप एपीफाइट ऐसे पौधे है जो केवल आश्रय के लिए अन्य पौधेा पर निर्भर करते है।
40. माइकोप्लाज्मा सबसे सूक्ष्म स्वतन्त्र रूप से रहने वाला जीव है।
41. हरित लवक, माइटोकोण्डिंया , केन्द्रक पादप कोषिका में डी0एन0ए0 होता है। 42. सीखना व याद रखना सेरीब्रम से सम्बन्धि है।
43. फीताकृमि अनाॅक्सी – ष्वसन करता है।
44. यदि संसार के सभी जीवाणु तथा कवक नश्ट हो जाएँ , तो संसार लाषों तथा सभी प्रकार के सजीवों के उत्सर्जी पदार्थेा से भर जाएगा।
45. हरित लवक में ग्रेना और स्टंोमा पाए जाते है।
46. प्रोकैरियोट वे जीव , जिनमें केन्द्रक सुविकसित नहीं होता है।
47. वनस्पति विज्ञान की वह षाखा , जिसमें षैवालों का अध्ययन करते है फाइकोलाॅजी कहलाती है।
48. यूथेनिक्स पालन पोशण द्वारा मानव जाति की उन्नति का अध्ययन है।
49. मानव खोपडी में 22 हडिडयाॅ होती है।
50. 3 – 4 वर्श के बच्चे में चर्वणक दाॅत नहीं होते ।
 आशा है आपको हमारा प्रयास पसंद आया होगा, यदि कोई सुझाव या प्रश्न है तो कमेन्ट में अवश्य पूँछें |

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